14 मार्च 2020 - 17:23
ईरान में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या और सामूहिक क़ब्रों पर वाशिंगटन का सफ़ेद झूठ

वाशिंगटन पोस्ट ने ईरान में कोरोनो वायरस प्रकोप के बारे में फ़ेक ख़बरें प्रकाशित करके दावा किया है कि देश में इस महामारी के शिकार लोगों के लिए बड़े पैमाने पर सामूहिक क़बरें खोदी हैं और तेहरान मरने वालों की सही संख्या पर पर्दा डाल रहा है।

दुनिया भर के देश कोरोना वायरस (COVID-19) के प्रकोप से जूझ रहे हैं, लेकिन इस महामारी के ख़िलाफ़ लड़ाई में ईरान के प्रयासों पर कुछ देशों में मुख्यधारा का मीडिया सामान्य से अधिक ध्यान दे रहा है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अधिकारियों ने कोरोना वायरस के ख़िलाफ़ लड़ाई में ईरान के प्रयासों की प्रशंसा की है, लेकिन इसके बावजूद कुछ संचार माध्यम लगातार ईरान के बारे में इस तरह की फ़ेक ख़बरें फैला रहे हैं कि देश में अराजकता का माहौल है, महामारी को ग़लत तरीक़े से हैंडल किया जा रहा है और यह अन्य देशों के लिए ख़तरे उत्पन्न कर रहा है।

ख़ास तौर पर वाशिंगटन पोस्ट ने ईरान में कोरोनो वायरस प्रकोप के बारे में लगातार राजनीति से प्रेरित रिपोर्टें प्रकाशित की हैं।

उसने अपनी कई रिपर्टें इन सुर्ख़ियों के साथ प्रकाशित की हैः "ईरान की सरकार कोरोनो वायरस से होने वाली तबाही के बारे में झूठ बोल रही है", "ईरान कोरोनो वायरस के प्रकोप से जूझ रहा है, पश्चिम एशिया के देशों को ख़तरे में डाल रहा है" और "कोरोना वायरस ने ईरानी नेतृत्व के छक्के छुड़ा दिए" जो आंकड़ें प्रसारित किए जा रहे हैं, वास्तविक आंकड़ें उससे कहीं अधिक हैं।"

अपने नवीनतम लेख में वाशिंगटन पोस्ट ने दावा किया है कि "कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या इतनी अधिक है कि उनके दफ़्न के लिए जो सामूहिक क़ब्रें खोदी जा रही हैं, उन्हें अंतरिक्ष से देखा जा सकता है।" रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमरीकी उपग्रह ने इन क़ब्रों की तस्वीरें ली हैं, जो "फ़ुटबॉल मैदान" के आकार के बराबर हैं।

रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह तस्वीरें ईरान के धार्मिक शहर क़ुम के निकट स्थित एक क़ब्रिस्तान की हैं।

हालांकि, कई लोगों ने तुरंत इन रिपोर्टों के झूठ और उनमें मौजूद ख़ामियों को उजागकर किया है और उल्लेख किया है कि सामूहिक क़ब्रों के झूठ को सच बनाकर पेश करने के लिए अंतरिक्ष से ली गई तस्वीरों का हवाला दिया गया है।

चश्मदीद गवाहों का कहना है कि रिपोर्ट में जिन ख़ाली क़ब्रों को कोरोनो वायरस के प्रकोप से जोड़ा गया है, उन्हें इस महामारी के शुरू होने से पहले की तस्वीरों में भी देखा जा सकता है, जो क़ब्रिस्तानों में पहले से ही तैयार करके रखी जाती हैं।